हार्ट ब्लॉकेज के घरेलू उपचार एवं लक्षण

हार्ट ब्लॉकेज के घरेलू उपचार एवं लक्षण

हार्ट ब्लॉकेज के घरेलू उपचार एवं लक्षण

नमस्कार दस्तो!हम bookbaak.com पर हार्ट ब्लाकेज की समस्या का समाधान बताएँगे | हार्ट ब्लाकेज होने पर हार्ट अटैक की संभावना बहुत अधिक हो जाती है | हार्ट ब्‍लॉकेज होने के लक्षण की बात करें तो यह इस पर निर्भर करता है कि आपको किस डिग्री की ब्‍लॉकेज हैं। फर्स्‍ट डिग्री हार्ट ब्‍लॉकेज में कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते | मगर सेकेंड डिग्री और थर्ड डिग्री हार्ट ब्‍लॉकेज में दिल की धड़कनें निश्चित समय अंतराल पर न होकर रूक-रूक कर होती है। इस तरह की हार्ट ब्‍लॉकेज के अन्‍य लक्षण चक्‍कर आने या बेहोश हो जाना, थोड़ा काम करने पर थकान महसूस होना, सिर में दर्द की शिकायत रहना, छोटी सांस आना, सीने में दर्द रहना आदि है। इनमें से कोई लक्षण आपको अन्‍य किसी बीमारी के होने पर भी हो सकता है। थर्ड डिग्री हार्ट ब्‍लॉकेज में रोगी को तुरंत इलाज की जरूरत होती हैनहीं तो रोगी की जान भी जा सकती है | हार्ट का रोगी देखने में तो एकदम स्वस्थ लगता है परन्तु वह अन्दर ही अन्दर बहुत पीड़ा महसूस करता है इसलिए रोगी को अपना इलाज सही तरीके से करवाना चाहिए |

हार्ट ब्लॉकेज के घरेलू उपचार- (home remedies for heart blockage)

  • खाने में या सलाद में अलसी के बीजों का इस्तेमाल करें।
  • खाने में सामान्य चावल की जगह लाल यीस्ट चावल का इस्तेमाल करें।
  • प्रतिदिन सुबह में 3 से 4 किलोमीटर की सैर करें। सुबह को लहसुन की एक कली लेने से कोलेस्‍ट्राल कम होता है। खाने में बैंगन का प्रयोग करने से कोलेस्‍ट्राल की मात्रा में कमी आती है। प्याज अथवा प्याज के रस का सेवन करने से हृदय गति नियंत्रित होती है। हृदय रोगी को हरी साग-सब्‍जी जैसे लौकी, पालक, बथुआ और मेथी जैसी कम कैलोरी वाली सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए।  घी, मक्खन, मलाईदार दूध और तली हुई चीजों के सेवन से परहेज करें। अदरक अथवा अदरक का रस भी खून का थक्का बनने से रोकने में सहायक होता है। शराब के सेवन और धूम्रपान से बचना चाहिए।
  • एक कप दूध में लहसुन की तीन से चार कली डालकर उबालें। इस दूध को रोज पीएं।
  • एक गिलास दूध में हल्दी डालकर उबालें और गुनगुना रहने पर शहद डालकर पीएं।
  • एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस, काली मिर्च और शहद डालकर पीएं।
  • दो से तीन कप अदरक की चाय रोजाना पीएं। इसके लिए पानी में अदरक डालकर उबालें और शहद मिलाकर पीएं।
  • मेथी दाने को रात भर पानी में भिगाकर, सुबह मेथी चबाकर खायें और बचा हुआ पानी पी जाएं।

हार्ट ब्‍लॉक होना हृदय के इलेक्ट्रिकल सिस्‍टम में एक रोग है, इससे हृदय की गति प्रभावित होती है। जब किसी के हृदय में ब्‍लॉकेज होती है तो यह दिल के धड़कने की दर यानी हार्टबीट पर असर डालती है।

Post Author: Ankit Aggarwal