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भगवान शिव ने ब्रह्मा जी का पांचवा सिर क्यूँ काटा जानिए इसके पीछे का रहस्य

सनातन धर्म में पौराणिक कथाओं के अनुसार सृष्टि की उत्पत्ति पर पहले एक उर्जा अर्थात शिव प्रकट हुए | उस उर्जा रुपी शिव से भगवान् विष्णु , ब्रह्मा जी उत्पन्न हुए | भगवान् शिव ने क्रमशः विष्णु जी को सृष्टि का पालन एवं ब्रह्मा जी को सृष्टि की रचना का उत्तरदायित्व दिया | कथा अनुसार कहा जाता है की जब ब्रह्मा जी ने ब्रह्माण्ड का निर्माण किया तब ब्रह्मा मानसिक सृष्टि से विस्तार नहीं कर सके | तब उन्होंने एक स्त्री देवी का निर्माण किया जिसका नाम श्त्रुपा था |

ब्रह्मा जी ने श्त्रुपा को बनाया तो उस सुंदर स्त्री की सुन्दरता देख तुरंत ब्रह्मा जी देवी पर मंदमुग्ध हो गये थे | उन्होने ऐसी सुन्दरता पहले कभी नहीं देखी थी | जिस कारन ब्रह्मा जी श्त्रुपा का हर स्थान पर पीछा करने लगे | श्त्रुपा ब्रह्मा जी की टकटकी नजर से बचने के लिए वह ब्रह्माण्ड के विभिन्न दिशाओं में जाती पर ब्रह्माजी नजर रखने के लिए अपना एक सिर विकसित कर लेते | इस प्रकार ब्रह्मा जी के पांच सिर हो गये | ( चारो दिशाओ में एक – एक सिर , चार सिर के ऊपर एक सिर विकसित हो गया अर्थात पांच सिर हो गये ) |

ब्रह्मा जी के इस व्यवहार से हताश सतरूपा बेचैन हो गयी | तब इस प्रकरण को महादेव भगवान् शिव विध्वंशक ये सब साक्षात् देख रहे थे | और ब्रह्मा जी के इस दुर्रव्यवहार से बहुत क्रोधित एवं नाराज थे | तब भगवान् शिव स्वयं प्रकट हुए और ब्रह्माजी को मार्ग पर लाने के लिए शिवजी ने अपने त्रिशूल से ब्रह्माजी का पांचवा सिर काट दिया और निर्धारित किया की श्त्रुपा ब्रह्माजी की सुपुत्री है |

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Post Author: Pooja Aggarwal