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पितृ – पक्ष ( श्राद्ध ) में क्या करे , क्या न करे

परिवार में मनुष्य की मृत्यु के बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए हम जो श्रद्धा पूर्वक अर्पित करते है , उसे  श्राद्ध कहते है | श्राद् का अर्थ अपने देवो , परिवार , वंश , परम्परा और ईस्ट आदि के प्रति श्रद्धा भाव रखना है |

भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से लेकर अमावश्या के सोह्ल्वे  दिन तक पितृ पक्ष कहा जाता है|

हिन्दू धर्म में माता – पिता की सेवा को सर्वश्रेष्ठ मान्यता दी जाती है | उनकी म्रत्यु के पश्चात पितृ – पक्ष में हम जो कर्म करते है जेसे – गाय , कुत्ते , कवे , चिड़िया आदि को भोजन खिलाना और जल अर्पित करना आदि से पितरो की आत्मा को शांति मिलती है |

अगर अपने पितरो का आशीर्वाद पाना चाहते है तो उनका श्राद जरुर करे |

पितृ पक्ष ( श्राद्ध ) में क्या करे –

  • जिस दिन श्राद हो उससे एक दिन पहले आदर भाव से ब्राह्मण को भोजन के लिए निमंत्रण दे | फिर श्राद्ध वाले दिन मध्यानकाल में ब्राह्मण को स्वादिस्ट भोजन और मीठा खिलाये तथा दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद ले |
  • सुबह उठकर स्नान आदि करके पीपल , आम और तुलसी के पोधे पर जल चड़ाए|
  • श्राद्ध में पूजा करते समय हमेशा ध्यान रहे की पूर्वजो की पूजा हमेशा दाए कंधे पर जनेऊ बांधकर करे |
  • पितरो की पूजा हमेशा दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके करे |
  • चीटियों को आटा डालना चाहिए |
  • माना जाता है की देवताओ से पहले पितरो को प्रसन्न करना आवश्यक है |
  • तर्पण के लिए काले तील , जों , एवं दूध का प्रयोग करे |
  • तुलसी से पितृ प्रलयकाल तक प्रसन्न रहते है | और अपने परिवार पर अपनी कृपा बनांये रखते है |
  • शांत मन और धैर्य रखकर पूजा करे |
  • ब्राह्मण को भोजन के पश्चात कन्या को भोजन करवाए |

पितृ पक्ष ( श्राद्ध ) में क्या नहीं करना चाहिए –

  • पितृ – पक्ष के दौरान मांस – मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • लहसुन , प्याज का सेवन न करे |
  • इन दिनों राजमा , मसूर , कुल्त , मटर , आदि का सेवन न करे |
  • कुत्ते , बिल्ली , गाय , पोधो या किसी व्यक्ति आदि को हानि नही पहुचानी चाहिए |
  • घर में आने वाले किसी भी व्यक्ति को भगाए नही | भोजन अवश्य कराए |
  • श्राद्ध के दोरान नए कपड़े आदि की खरीदारी नहीं करनी चाहिए |
  • इन दिनों साबुन , इत्र , तेल आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए |
  • श्राद्ध हमेशा अपने घर पर ही रहकर  करे | दुसरो के घर या भूमि पर कभी नहीं करना चाहिए |
  • पूजा करते समय , क्रोध या जल्दबाजी न करे |
  • दिन में सोना नहीं चाहिए |

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Post Author: Pooja Aggarwal