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गणेश चतुर्थी क्यों और केसे मनाई जाती है इसका क्या महत्व है

भगवान गणेश जी के जनम दिन को ही गणेश चतुर्थी कहा जाता है | सुख , समृधि और रिद्धि – सिद्धि के स्वामी के रूप में भगवान गणेश की पूजा की जाती है | भाद्रपद माह में शुक्लपक्ष में भगवान गणेश का जनम हुआ |

इस साल २०१७ में भगवान गणेश का जनमदिन अर्थात गणेश चतुर्थी २५ अगस्त शुकरवार को मनाई जा रही है | पंचांग के अनुसार गणेश जी की पूजा का सुभ मुहर्त ११.०६ बजे से 1.३९ बजे तक का है |इसलिए दोपहर के समय ही गणेश जी की पूजा के लिए सुभ माना गया है | गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी की स्थापना और पूजा दोपहर के समय ही की जनि चाहिए | ये समय गणेश जी की पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय है | गणेश चतुर्थी का हस्त नक्षत्र में आना बहुत सुभ मन जाता है | यह नक्षत्र सुभ फल देने वाला है |

केसे करे गणपति जी की स्थापना और पूजा –

यह त्यौहार भारत के विभिन्न भागो में मनाया जाता है | लेकिन महराष्ट्र में गणेश चतुर्थी का त्योहार को बड़ी धूम – धाम और हर्ष उल्लाश के साथ मनाया जाता है | जगह – जगह लोग अपने घर और मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना करते है और इस प्रतिमा का नो दिन तक पूजा अर्चना की जाती है | बहुत सारे लोग गणेश जी के दर्शन के लिए मंदिरों में जाते है | गणेश चतुर्थी वाले दिन भक्त पुरे दिन उपवास रखते है और कथा आदि पढते है | मोदक या लड्डू का भोग लगते है | फिर 10 वे दिन बड़े धूम – धाम और गाजे – बजे के साथ गुलाल उड़ाते हुए और नाचते हुए गणेश जी की सवारी निकाली जाती है | और फिर गणेश जी की प्रतिमा को गंगा जी या किसी तालाब के जल आदि में विसर्जित  किया जाता है |

गणेश चतुर्थी का महत्व –

गणेश चतुर्थी के इस दिन कोई नया काम सुरु करना बहुत ही सुभ होता है | जो भक्त गणेश जी की स्थापना अपने घर में करते है | उन भक्तो का घर सुख समृद्धि से भर जाता है और सभी कष्ट दूर हो जाते है | जिन भक्तो के काम अधूरे रह जाते है भगवान् गणेश की कृपा से उनके सभी अटके काम पुरे हो जाते है | इसलिए इन्हें विघ्नहर्ता कहा गया है |

जो भी भक्त गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना अपने घर में करता है | और लगातार नो दिन तक गणेश जी की पूरी श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करता है | मोदक या लड्डू का भोग लगता है | भगवान् गणेश उसके सभी कष्टों को हर लेते है और सुख समृद्धि और धन धान्य से उस भक्त का घर परिपूर्ण होता है |

आप सब भी भगवान गणेश जी को अपने घर लाये और श्रद्धा भाव से उनकी पूजा अर्चना करे |

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Post Author: Pooja Aggarwal