के फायदे

कई ओषधीय गुणों से भरपूर जामुन ( घरेलु नुश्खे )

जामुन एक मोसमी फल है |जामुन भारत , दक्षिण एशिया के देशो एवं इंडोनेशिया जेसे देशो में पाया जाता है | जामुन बेंगनी रंग के होते है | लोग जामुन को खाना वहुत पसंद करते है | जामुन में कई ओषधीय गुण होते है | जामुन खाने से भूख बढती है |और फलों की अपेक्षा जामुन में कम केलोरी होती है |जामुन के बिज में कार्बोहाइड्रेट , प्रोटीन और कैल्सियम अधिक मात्रा में होता है | जामुन  का स्वाद खट्टा मीठा होता है | ये एक प्रकृति का दिया हुआ फल है | जामुन का सिर्फ फल ही नहीं अपितु इसके पत्ते , छाल सभी का उपयोग किया जाता है | आओ जाने जामुन के चमत्कारी गुण और उपयोग –

  1. मधुमेह के रोगियों के लिए जामुन रामबाण है | क्यूंकि 150 ग्राम जामुन रोजाना  खाने से मधुमेह के रोगी के रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा नियंत्रित  रहती है |
  2. जामुन के पेड़ की छाल को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर उसमे शहद मिलाकर सुबह – शाम पिने से प्रदर रोग में काफी लाभ होता है |
  3. जामुन के बीजो को सुखाकर इसका पाउडर बनाकर खाने से मधुमेह में काफी फायदा होता है |
  4. जमून के कोमल , नए  पत्तों को पानी में उबाल कर उबले पानी को एक गिलास में छानकर पानी से कुल्ले करने से मसूड़ों की सुजन , रक्त निकला आदि परेशानी ठीक हो जाती है |
  5. आग  से जलने पर जो सफ़ेद दाग त्वचा में रह जाते है | इन सफ़ेद दागों में जामुन के पत्तों का लगातार लेप करने से दाग ठीक हो जाते है |
  6. दस्त होने पर जामुन को सेंधा नमक के साथ खाने पर दस्त ठीक हो जाते है |
  7. जामुन का चूर्ण और मिश्री को थोडा – थोडा मिलाकर रोजाना सुबह शाम दूध के साथ लेने से हर प्रकार की कमजोरी दूर हो जाती है |
  8. जामुन के पत्तों को सुखाकर राख बनाकर दांतों में मंजन करने से दांत मजबूत और मसुढे ठीक हो जाते है |
  9. पेट की बीमारी जेसे पेट दर्द , दस्त आदि में जामुन के रश को सेंधा नमक डालकर पीना चाहिए |
  10. एक कप पानी में एक चम्मच  जामुन का सिरका डालकर रोजाना 2 से ३ बार पिने से पेट की सभी बीमारियाँ दूर हो जाती है |
  11. जामुन में आयरन काफी मात्रा में होता है |जो रक्त के लिए बहुत ही फायदेमंद तत्व है |
  12. 150  ग्राम जामुन को एक ग्लास पानी में उबाले फिर ठंडा करके जामुन को पानी में ही मसले |  इस पानी को छान ले | अब इस जामुन के पानी में थोडा शहद मिलाकर रोजाना पिने से मधुमेह रोग और शरीर का पतलापन दूर होता है |
  13. जामुन खाने से या जामुन के बीजो  का चूरन बनाकर दही या मठ्ठे के साथ खाने से पथरी अपने आप ख़त्म होने लगती है |
  14. जामुन के बिज को पीसकर पानी या दही के साथ लेने से केंसर जेसी बीमारी से काफी बचाव हो सकता  है |
  15. छोटे बच्चों को अतिसार होने पर जामुन की तजि छाल का रस बकरी के दूध में मिलाकरठंडा करके पिने से बहुत लाभ होता है |

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Post Author: Pooja Aggarwal