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एक अमीर लड़का और बूढ़े भिखारी की दिल को छु लेने वाली कहानी ( परोपकार )

 एक नगर  में राहुल नाम ( काल्पनिक नाम ) का एक अमीर लड़का रहता था | वो लड़का लगभग ११ साल का था |

उसके पिता बहुत बड़ी कंपनी के मालिक थे |  उसके पिता बहुत ही घमंडी थे |और किसी को कुछ दान नहीं देते थे | लेकिन वो दिल के बहुत अच्छे व्यक्ति थे | वो डरते थे की वो बहुत अमीर है |  कही कोई व्यक्ति राहुल को उनसे दूर न कर दे और कोई हानी न पहुंचा दे | इसलिए  वो अपने बेटे को किसी के पास भी नहीं जाने देते थे | और राहुल को वो बहुत बन्दिशो में रखते थे | वो राहुल को घुमाने भी अपने साथ लेकर जाते थे | वो अपने बेटे को बहुत प्यार करते थे क्यूंकि राहुल उनका एक लौता बेटा था |राहुल इस वजह से अपने पिता से डरा हुआ रहता था और अपने पिता से ज्यादा बात भी नहीं करता था |राहुल एक बहुत अच्छे और बड़े स्कूल में पढता था | राहुल बहुत इमानदार ,  समझदार और इमोशनल लड़का था |राहुल किसी को भी दुखी नहीं देख सकता था | जब भी वो किसी को दुखी देखता था तो वो उस व्यक्ति की तुरंत मदद करने लगता था | राहुल स्कूल भी अपने पिता के साथ एक बड़ी गाड़ी में बैठकर जाता था |  राहुल बिलकुल भी घमंडी नहीं था उसके बहुत से दोस्त थे और अध्यापक भी उसके व्यवहार से बहुत खुश रहते थे | वो पड़ने में भी काफी  होशियार था |

एक दिन की बात है राहुल की नजर स्कूल के सामने सड़क के किनारे बैठे  एक बुढा भिखारी पर पड़ी | वो भिखारी बहुत ही बुढा था और काफी दुखी दिख रहा था | मानो  ऐसा लग रहा था जेसे वो बुढा भिखारी बहुत बीमार हो | और  उसने काफी दिन से खाना न खाया हो | उसके कपडे जगह – जगह से फटे हुए थे | और उसके पैरो में चप्पल भी नहीं थी | राहुल अब जब भी स्कूल से जाता – आता तभी वो भिखारी को देखता और मन ही मन बहुत दुखी होता था | एक दिन राहुल स्कूल के गेट पर खड़ा अपने पापा का इंतजार क्र रहा था | उसके पापा की गाड़ी ख़राब हो गयी थी और वो लेट हो गये थे |तब उसने भिखारी को देखा और वो दोडकर उस बूढ़े व्यक्ति के पास चला गया और उसने बूढ़े व्यक्ति से उसके  बारे में पुछा | तब बूढ़े व्यक्ति ने बताया की उसके चार बेटे है और चारो ही कुछ काम नहीं करते है वो बहुत गरीब है | बस छोटा मोटा काम करके अपना और अपने बच्चों  का पेट भर लेते है | और मै ये देख नहीं पाता था और मै उन पर बोझ नहीं बनाना चाहता था इसलिए में बिना बताये अपना घर छोड़कर आ गया | और यही सड़क पर जगह – जगह घूमकर और मांगकर अपना पेट भर लेता हूँ | मै छोटा – मोटा काम भी करना चाहता हूँ | लेकिन  बुढा जानकर मुझे कोई काम नहीं देता है | जब मै मजबूर हो गया और बीमार भी हो गया तब मै इस  सड़क पर यही फूटपाथ पर रहने को मजबूर हो गया हु |

राहुल ने पूछा की बाबा आपने कुछ खाया है तो उस बाबा ने मुस्कुरा कर मना कर  दिया और कहा बेटा अब तुम अपने घर जाओ | तुम्हे देर हो जाएगी | राहुल ने जिद करके उन्हें खाना दिया और तभी उसके पापा आ गये  और राहुल चुपचाप अपने पापा के साथ घर आ गया |

राहुल मन से  बहुत उदास था | वो उस बूढ़े व्यक्ति के बारे में सोचता रहता था | और अब रोज वो अपना खाना उस व्यक्ति को दे देता था| एक दिन उसके मन में उस बूढ़े व्यक्ति के लिए कुछ करने का ख्याल आया | वह तुरंत अपने कमरे में गया और उसने अपनी गुल्लक निकाली और गुल्लक तोड़ कर देखा की उसके पास कितने पैसे इकट्टे हुए है | राहुल ने पैसे गिने और देखा की उसकी गुल्लक से ६०० रुपे निकले है | उसने उन पैसो को सम्भाल कर रख  दिया | और अब वो रोज अपने पापा से पैसे  मांग कर अपने पास एकत्र करता था | उसके पापा को उसकी इन रोज – रोज पैसे मांगने की हरकतों से राहुल पर कुछ शक हुआ | उसके पापा को कुछ समझ नहीं आ रहा था | की वो इतने पैसे क्यों एकत्र कर रहा है | एक दिन उसके पापा ने स्कूल के अध्यापक से जाकर पूछा की राहुल अजीब सा व्यवहार कर रहा है और वो रोज   बहुत पैसे खर्च रहा है | कही वो किसी गलत रास्ते तो नहीं जा रहा है | लेकिन स्कूल के अध्यापक से उन्हें कोई स्पष्ट बात पता नहीं चली | तभी वो गेट पर आये और गार्ड ने उन्हें बताया की आपका बेटा सामने बैठे भिखारी से बहुत मिलता है और काफी बात भी करता है यहाँ  तक की वो उस व्यक्ति को अपना खाना भी दे देता है | ये सब सुनकर उसके पापा को बड़ा आश्चर्य हुआ और दुःख भी हुआ | वे  ये सब सुनकर चुपचाप अपने घर लौट आये और अब वो राहुल पर निगाह भी रखने लगे | कुछ दिन बाद उन्होंने राहुल से कहा की में 2 दिन के लिए किसी काम से  बहार जा रहा हूँ |तुम अब घर के नोकर के साथ स्कूल चले जाना  | ये बोलकर वो चले जाते है | तभी  राहुल ने सोचा की अब उसके पास बहुत सारे पैसे एकत्र हो गये है | राहुल चुपके से शाम को पास के ही बाजार में गया और उसने बूढ़े बाबा के लिए एक कुर्ता – पजामा और जूते ख़रीदे और साथ में उनके लिए खाने के लिए सामान भी लिया | और ये सब ले जाकर  उसने बूढ़े बाबा को दे दिया | बूढ़े बाबा ने राहुल को बहुत मना किया पर राहुल ने कसम देकर उन्हें ये सब लेने के लिए मजबूर क्र दिया |

उसके पिता कहीं बहार नहीं गये थे बल्कि वो तो ये सब छुपकर देख रहे थे | ये सब देखकर उन्हें बहुत आश्चर्य हुआ और  उन्हें अपने बेटे पर बड़ा गर्व हुआ और ये सब देखकर उनके आंसू निकल आये और दोड़कर अपने बेटे को गले से लगाया |

ये जानकर बहुत अच्छा लगा की उनके बेटे ने एक गरीब व्यक्ति की मदद की है लेकिन ये जानकर उन्हें बहुत तकलीफ भी हुयी की डर की वजह से उनके बेटे राहुल ने इस बारे में उनसे कुछ नहीं बताया और कोई मदद भी नहीं मांगी |

उन्हें ये एहसास  हो गया था की बच्चों पर ज्यादा पाबन्दी नहीं लगानी चाहिए | अब वो अपने बेटे पर कोई पाबन्दी नहीं लगाते थे और अब वो गरीब व्यक्तियों को कुछ न कुछ दान करते रहते थे |और उनकी मदद भी करते थे | उनके बेटे ने उन्हें परोपकार का एक अनोखा पाठ पढ़ा दिया था जिसका उनके ह्रदय में बहुत  गहरा असर हुआ |

Post Author: Pooja Aggarwal